बृजभूषण शरण सिंह और सीएम योगी की मुलाकात: क्या खत्म होंगे राजनीतिक मतभेद?

*बृजभूषण शरण सिंह की सीएम योगी से मुलाकात*

उत्तर प्रदेश के प्रमुख नेता और भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने सोमवार शाम को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। यह मुलाकात तब हुई जब बृजभूषण अपने विवादास्पद बयानों और सरकार की नीतियों पर उठाए गए सवालों के कारण चर्चा में थे।
राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुलाकात का उद्देश्य क्या था?

सूत्रों के अनुसार, बृजभूषण शरण सिंह ने मुख्यमंत्री से मिलने का निर्णय इसलिए लिया ताकि उनके बीच के राजनीतिक मतभेदों को सुलझाया जा सके। उन्होंने कई बार योगी आदित्यनाथ की नीतियों पर सवाल उठाए हैं, और यह माना जा रहा था कि वह मुख्यमंत्री के साथ अपने रिश्ते को सुधारना चाहते थे।

क्या दूरी कम हुई?

मुलाकात के बाद जब बृजभूषण सीएम आवास से बाहर आए, तो उनकी बॉडी लैंग्वेज ने यह संकेत दिया कि दोनों के बीच की दूरी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुई है। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह मुलाकात आवश्यक थी और वह इससे संतुष्ट हैं। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि मुलाकात में क्या खास रहा, तो उन्होंने संक्षेप में कहा, “मुलाकात ही खास रही।”

सरकार में असंतोष का संकेत

बृजभूषण शरण सिंह अक्सर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते रहते हैं और विपक्षी नेताओं की प्रशंसा करते हैं। इससे उनके और सरकार के बीच तनाव बढ़ गया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का समर्थन किया है और सरकारी अधिकारियों के भ्रष्टाचार पर भी बयान दिए हैं, जिससे उनकी स्थिति में स्पष्ट दरार दिखाई दे रही है।

गोरखपुर और देवीपाटन में बृजभूषण का प्रभाव

गोरखपुर और देवीपाटन क्षेत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं। गोरखपुर में योगी का एक मंदिर है और देवीपाटन में भी उनका एक मंदिर और मठ है। बृजभूषण शरण सिंह का इन क्षेत्रों में काफी प्रभाव है, खासकर देवीपाटन में जहां ठेकों और पट्टों पर उनका दबदबा है।

सीएम योगी की नाराजगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बार बृजभूषण शरण सिंह की गतिविधियों से नाराजगी व्यक्त की है। विशेष रूप से पीडब्ल्यूडी के करोड़ों के ठेके निरस्त किए गए थे, और वहां के अधिकारियों को निलंबित भी किया गया था। इस कारण दोनों के बीच टकराव बढ़ गया था।

मुलाकात के बाद की स्थिति

बृजभूषण शरण सिंह ने इस मुलाकात से उम्मीद जताई थी कि उनके और मुख्यमंत्री के बीच संबंध बेहतर होंगे। लेकिन मुलाकात के बाद उनकी बॉडी लैंग्वेज ने यह स्पष्ट किया कि उनकी अपेक्षाएं पूरी नहीं हुईं। उन्होंने कहा, “जो आशा लेकर आए थे, वह पूरी नहीं हुई।”

राजनीतिक समीकरणों में बदलाव?

बृजभूषण शरण सिंह की यह मुलाकात यूपी की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है। जहां एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बृजभूषण शरण सिंह के बीच राजनीतिक मतभेद उभर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बृजभूषण की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकी हैं। इस मामले में आगे चलकर राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

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