MP के बागेश्वर धाम में सनसनी: 13 महिलाओं को जबरन एम्बुलेंस में भरा, पुलिस ने रोका तो सामने आया चौंकाने वाला सच

Bageshwar Dham News: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम, जो अपनी आध्यात्मिक शक्ति और बालाजी महाराज के दर्शन के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है, एक बार फिर विवादों के घेरे में है।
सोमवार, 28 जुलाई 2025 की रात लवकुशनगर थाना क्षेत्र में एक एम्बुलेंस में 13 महिलाओं को जबरन ले जाने की घटना ने सनसनी मचा दी। डायल 100 की त्वरित कार्रवाई के बाद पुलिस ने एम्बुलेंस को पठा चौकी क्षेत्र में रोका और महिलाओं को थाने लाया।

इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें महिलाओं ने धाम के सेवादारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्हें धमकी दी गई और जबरन एम्बुलेंस में बिठाकर महोबा रेलवे स्टेशन ले जाया जा रहा था। पुलिस की पूछताछ में सेवादारों और एम्बुलेंस ड्राइवर के बयान ने मामले को और रहस्यमयी बना दिया है। आखिर क्या है इस घटना का सच? यह खबर पूरे मामले को विस्तार से उजागर करती है।

घटना का खुलासा: डायल 100 की कार्रवाई

28 जुलाई 2025 की रात करीब 9 बजे, छतरपुर के लवकुशनगर थाना क्षेत्र में डायल 100 की टीम को सूचना मिली कि एक एम्बुलेंस में कई महिलाओं को जबरन ले जाया जा रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पठा चौकी क्षेत्र में एम्बुलेंस को रोका। एम्बुलेंस में 13 महिलाएं थीं, जिनमें से कई भयभीत और रोती हुई थीं। पुलिस ने सभी महिलाओं को थाने लाया और पूछताछ शुरू की। इस दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें महिलाओं ने बागेश्वर धाम के सेवादारों पर गंभीर आरोप लगाए।

लवकुशनगर थाना प्रभारी ने बताया, “हमें गुप्त सूचना मिली थी कि एक एम्बुलेंस में कुछ महिलाओं को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाया जा रहा है। हमने तत्काल कार्रवाई की और एम्बुलेंस को रोका। प्रारंभिक जांच में मामला गंभीर प्रतीत हो रहा है। हम सभी पक्षों के बयान दर्ज कर रहे हैं।”

वायरल महिलाओं के डरावने खुलासे

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक व्यक्ति एम्बुलेंस ड्राइवर और महिलाओं से पूछताछ करता नजर आ रहा है। ड्राइवर ने खुलासा किया कि पन्ना के एक सेवादार, जिसे वह “कल्लू दादा” के नाम से जानता है, ने उसे महिलाओं को महोबा रेलवे स्टेशन छोड़ने का निर्देश दिया था। ड्राइवर ने कहा, “मुझे सिर्फ इतना कहा गया कि इन महिलाओं को महोबा स्टेशन छोड़ दो। मुझे नहीं पता कि क्या मामला है।”

महिलाओं ने पुलिस और वीडियो बनाने वाले व्यक्ति को बताया कि बागेश्वर धाम की एक सेवादार, जिसे वे “मिनी” के नाम से जानती हैं, ने उनके बाल पकड़कर जबरन एम्बुलेंस में बिठाया। एक युवती ने रोते हुए कहा, “हमें धमकी दी गई कि अगर हम नहीं गए, तो हमें काटकर फेंक देंगे। हम बागेश्वर धाम दर्शन और पेशी के लिए आए थे, लेकिन हमें नहीं पता कि हमें कहां ले जाया जा रहा था।”

वीडियो में एक अन्य लड़की ने भयभीत होकर कहा, “मैं धाम में रहती थी। मेरे परिवार वाले मुझे परेशान करते हैं। मुझे नहीं पता कि मुझे कहां ले जा रहे थे। मैं वापस बागेश्वर धाम जाना चाहती हूं।” वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने टिप्पणी की कि लड़की इतनी डर गई थी कि वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी। यह वीडियो X पर तेजी से वायरल हो गया, जिसने बागेश्वर धाम के प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए।

महिलाओं के आरोप: धमकी और जबरदस्ती

महिलाओं ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वे बागेश्वर धाम में दर्शन और “दिव्य दरबार” में अपनी समस्याओं की अर्जी (पेशी) के लिए आई थीं। कुछ महिलाएं धाम में कई दिनों से रह रही थीं। उनके अनुसार, धाम की सेवादार मिनी ने उन्हें रात में अचानक बुलाया और एम्बुलेंस में बैठने को कहा। जब कुछ महिलाओं ने इसका विरोध किया, तो उन्हें धमकी दी गई कि “अगर नहीं जाओगे, तो काटकर फेंक देंगे।”

एक महिला ने बताया, “हमें नहीं बताया गया कि हमें कहां ले जाया जा रहा है। हमें सिर्फ यह कहा गया कि महोबा स्टेशन जाना है। हम डर गए थे, क्योंकि रात का समय था और हमें धमकी दी जा रही थी।” कुछ महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई और उनके सामान को जबरन एम्बुलेंस में रखा गया।

सेवादारों का पक्ष: चोरी का आरोप?

पुलिस पूछताछ में एम्बुलेंस ड्राइवर ने दावा किया कि उसे “कल्लू दादा” नामक सेवादार ने महिलाओं को महोबा रेलवे स्टेशन छोड़ने का निर्देश दिया था। ड्राइवर के अनुसार, उसे बताया गया कि ये महिलाएं धाम में कुछ गलत गतिविधियों में शामिल थीं, और उन्हें वापस उनके घर भेजा जा रहा है। हालांकि, ड्राइवर ने यह स्पष्ट नहीं किया कि “गलत गतिविधियों” से उनका क्या मतलब था।

बागेश्वर धाम के कुछ सेवादारों ने अनौपचारिक रूप से दावा किया कि इन महिलाओं पर धाम में चोरी का आरोप था, और उन्हें धाम से हटाने का निर्णय लिया गया था। हालांकि, इस दावे का कोई ठोस सबूत पुलिस को नहीं मिला। लवकुशनगर थाना प्रभारी ने कहा, “हमने सेवादारों से भी पूछताछ की है। उनके दावों की जांच की जा रही है। अगर चोरी का आरोप था, तो इसे पुलिस के सामने लाना चाहिए था। जबरन एम्बुलेंस में भेजना गैरकानूनी है।”

बागेश्वर धाम का इतिहास: विवादों से पुराना नाता

बागेश्वर धाम, जो छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में स्थित है, बालाजी महाराज के मंदिर और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के “दिव्य दरबार” के लिए प्रसिद्ध है। धाम की वेबसाइट के अनुसार, श्रद्धालु अपनी समस्याओं को अर्जी के माध्यम से बालाजी महाराज तक पहुंचाते हैं, और धीरेंद्र शास्त्री के मार्गदर्शन में समाधान प्राप्त करते हैं। हालांकि, धाम हाल के वर्षों में कई विवादों में भी घिरा रहा है।

8 जुलाई 2025: गढ़ा गांव में बागेश्वर धाम के पास एक धर्मशाला की दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई और 12 लोग घायल हो गए।

2 जुलाई 2025: धाम में आरती के दौरान टेंट गिरने से एक श्रद्धालु की मौत और 10 लोग घायल हो गए।

अंधविश्वास के आरोप: धीरेंद्र शास्त्री पर माइंड रीडिंग और भूत-प्रेत से छुटकारा दिलाने के दावों को लेकर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लग चुका है।

इन घटनाओं ने धाम के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। ताजा घटना ने धाम की कार्यप्रणाली और सेवादारों के व्यवहार को फिर से चर्चा में ला दिया है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

लवकुशनगर पुलिस ने एम्बुलेंस ड्राइवर और कुछ सेवादारों को हिरासत में लिया है। महिलाओं के बयान दर्ज किए गए हैं, और उनके परिवार वालों को सूचित किया गया है। पुलिस ने बताया कि एम्बुलेंस को बागेश्वर धाम के एक स्थानीय व्यक्ति से किराए पर लिया गया था। ड्राइवर पर गैरकानूनी रूप से लोगों को ले जाने का आरोप लगाया गया है।

छतरपुर SP ने कहा, “यह एक गंभीर मामला है। हम CCTV फुटेज, वायरल वीडियो, और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर जांच कर रहे हैं। अगर धमकी या जबरदस्ती का मामला सिद्ध होता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि बागेश्वर धाम के प्रबंधन से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

बागेश्वर धाम का आधिकारिक बयान

बागेश्वर धाम के आधिकारिक प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा, “बागेश्वर धाम में सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सम्मान हमारी प्राथमिकता है। इस घटना की जानकारी हमें पुलिस के माध्यम से मिली है। हम जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। अगर कोई सेवादार दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।” प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि धाम में अर्जी और दर्शन की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है, और किसी भी तरह की जबरदस्ती की नीति नहीं है।

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