बिधूना में शहीद भगत सिंह प्रतिमा स्थल बदहाल ,कब सुधरेंगे हालात

बिधूना- औरैया – स्थानीय भगत सिंह चौराहे पर स्थित शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा और आसपास का चौक इन दिनों प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है। बीती 14 तारीख को नगर के कुछ जागरूक युवाओं ने अपने नागरिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए इस चौक पर व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाया था। युवाओं ने इस दौरान प्रतिमा स्थल के आसपास से आधी ट्राली से अधिक मलबा और गंदगी बाहर निकाली थी, जो उनके एक जिम्मेदार नागरिक होने की पहचान को दर्शाता है।
करोड़ों की व्यवस्था अब चरमराई
आपको बता दें कि इस ऐतिहासिक स्थल के सुंदरीकरण के लिए लाखों रुपए की लागत से भव्य चौक, आकर्षक लाइटिंग और फव्वारे (फाउंटेन) की व्यवस्था की गई थी। लेकिन वर्तमान में चारों तरफ फैली गंदगी के आलम में यह पूरी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।बड़ा सवाल: युवाओं द्वारा सफाई अभियान चलाए जाने के बाद आज 27 तारीख हो चुकी है। इस बात को लगभग 13 दिन का समय बीत चुका है, लेकिन नगर पंचायत कार्यालय और नगर पंचायत के मुखिया लाइटिंग, फव्वारे को चालू कराने और नियमित साफ-सफाई को लेकर पूरी तरह निष्क्रिय (शून्य) बने हुए हैं।साझी विरासत पर प्रशासनिक उदासीनता 13 दिन बीत जाने के बाद भी नगर पंचायत अध्यक्ष का ध्यान इस ओर आकर्षित न होना अपने आप में कई बड़े और गंभीर सवाल खड़े करता है। शहीद-ए-आजम भगत सिंह इस राष्ट्र की साझी विरासत हैं, वे केवल उन युवाओं की विरासत नहीं हैं जिन्होंने वहां सफाई की।
भगत सिंह क्रांति का एक ऐसा नाम रहे हैं, जिन्हें देखकर गुलामी के उस दौर में भी देश का युवा राष्ट्र के लिए आगे आता था। आज यदि बिधूना नगर में उनकी प्रतिमा और स्मारक इस दयनीय स्थिति में है, तो साफ-सफाई से लेकर तमाम बुनियादी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाली नगर पंचायत का सवालों के घेरे में आना बिल्कुल स्वाभाविक है। आखिरकार ऐसी क्या मुसीबत है जो क्रांतिकारी वीर भगत सिंह जी की प्रतिमा और उनके आस पास की जगह के लिए ध्यान केंद्रित नहीं हो रहा है।





